कोरोना वायरस ने ऐसा क्या किया जो कोई भी देश नहीं कर पाया
https://youtu.be/Xh42yVVQa60
हेलो दोस्तो तो कैसे हैं आप उम्मीद करता हूं बढ़िया होंगे फिट होंगे और स्वस्थ होंगे। भगवान आप पर अपनी कृपा बनाए रखें। उम्मीद करता हूं आप कोरोना वायरस पर घर पर ही रहे होंगे। तो आज हम बात करने जा रहे हैं कोरोना वायरस ने यह कर दिखाया जो पूरी दुनिया नहीं कर पाई। तो चलिए शुरू
हेलो दोस्तो तो कैसे हैं आप उम्मीद करता हूं बढ़िया होंगे फिट होंगे और स्वस्थ होंगे। भगवान आप पर अपनी कृपा बनाए रखें। उम्मीद करता हूं आप कोरोना वायरस पर घर पर ही रहे होंगे। तो आज हम बात करने जा रहे हैं कोरोना वायरस ने यह कर दिखाया जो पूरी दुनिया नहीं कर पाई। तो चलिए शुरू
जो हम नहीं कर पाए वह कोरोनावायरस ने कर दिया
जैसा कि आपने जो हमारा आज का आर्टिकल है तो आपने ऊपर हेडिंग देखी होगी लोकडाउन के चलते हैं एक फायदा पर्यावरण को हुआ है।
वाराणसी में गंगा नदी के पानी की गुणवत्ता में काफी सुधार आया है।
लॉकडॉन की वजह से पानी पूरी तरह साफ हो गया है। प्रदूषण एकदम गायब हो गए हैं।
प्रदूषण पर काबू पाने के लिए पूरी दुनिया हर साल मीटिंग रखा करती हैं।
लॉकडॉन की वजह से पानी पूरी तरह साफ हो गया है। प्रदूषण एकदम गायब हो गए हैं।
प्रदूषण पर काबू पाने के लिए पूरी दुनिया हर साल मीटिंग रखा करती हैं।
लेकिन कोरोनावायरस के चलते पानी और वातावरण एकदम साफ हो गए हैं लोग अब खुली हवा में सांस ले पा रहे हैं। हवा और पानी बहुत शुद्ध हो चुका है।
आज समुंदर मैं नाव बोर्ड और जहाज नहीं चल रहे हैं इसका नतीजा यह है कि मुंबई जैसे महानगर में डॉल्फिन नदी के किनारे उछल कूद कर रही हैं। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि हमारा पानी कितना साफ हो चुका है।
लोकडाउन ने हमको घर के अंदर कैद कर रखा है लेकिन जानवरों को नहीं जानवर अपनी मस्ती में लगे हुए हैं वह ऐसे खुश हैं जैसे लॉन्ग गाउन उनके लिए समर वेकेशन जैसा है और भगवान ने उन्हें छुट्टी मनाने के लिए दे रखी हैं।
दिल्ली साइड जहां वातावरण सबसे गंदा है ।
वहां बारहसिंघा रोडो पर दिखाएं दिया था। आज बड़े बड़े देश फ्रांस अमेरिका ऑस्ट्रेलिया मैं लॉन्ग गाउन है। लेकिन वहां के पंछी और जानवर भी आजाद हैं।
उनको किसी का डर नहीं। चूहा बिल्ली कुत्ता ऐसे खेल रहे हैं जैसे वहां जेल से छूट गए हैं।
उनके चेहरे में खुशी देखी जो हम इंसानों ने उनसे छीन रखी थी आज हम इंसान बंद हैं तो जानवर कितने खुश हो रहे हैं।
वहां बारहसिंघा रोडो पर दिखाएं दिया था। आज बड़े बड़े देश फ्रांस अमेरिका ऑस्ट्रेलिया मैं लॉन्ग गाउन है। लेकिन वहां के पंछी और जानवर भी आजाद हैं।
उनको किसी का डर नहीं। चूहा बिल्ली कुत्ता ऐसे खेल रहे हैं जैसे वहां जेल से छूट गए हैं।
उनके चेहरे में खुशी देखी जो हम इंसानों ने उनसे छीन रखी थी आज हम इंसान बंद हैं तो जानवर कितने खुश हो रहे हैं।
आज हमने प्रकृति को इतने दुख दिए हैं कि उसने हमें कोरोनावायरस जैसी महामारी दी है कोरोना वायरस भगवान की दी हुई दंड है। जो उसने हस्ती खेलती धरती को गंदा और प्रदूषित किया है।
प्रकृति ने इंसानों को बनाया ताकि उसकी गैरमौजूदगी में हम उसकी बनी बनाई दुनिया को संभाल सकें । हमने बदले में क्या दिया जो उसने चीजें बनाई थी उस को नुकसान पहुंचाया अपने फायदे के लिए।
हमने जानवरों को मारा अपने इस्तेमाल किया ।उनको जिंदा जलाकर खाया उनका मांस अपने कपड़ों के लिए यूज करें
उनसे दवाइयां बनाई और बहुत सारे काम किए हैं।
उनसे दवाइयां बनाई और बहुत सारे काम किए हैं।
आज हम गाय को गौ माता कहते हैं लेकिन गाय का दूध हम खुद पी लेते हैं जो दूध उसके बछड़े को पीना चाहिए वह दूध हम बेचने के लिए लगा देते हैं क्या आपको लगता है कि गौ माता हमको अपना बेटा कह गी क्या।
हम चंद पैसों के लिए इतने स्वार्थी हो गई कि हमने प्रगति को नुकसान पहुंचाया जल को दूषित ,जंगलों में आग
, धरती की खुदाई ताकि सोना चांदी निकल सकें।
, धरती की खुदाई ताकि सोना चांदी निकल सकें।
हमने मशीनें बनाई ताकि हम दिन रात धरती और खुदाई कर सोना चांदी निकाल सकें।
हमने धरती मां पर अत्याचार करें धरती माता कष्ट सहते रहे हमने आबादी कंट्रोल नहीं करा जिसे धरती मां पर और बाहर पड़ गया और महिला और जानवरों पर भी अत्याचार किया आज कोरोना वायर से धरती माता को सुकून मिल रहा है वह भी खुश हैं आज।
हमने धरती मां पर अत्याचार करें धरती माता कष्ट सहते रहे हमने आबादी कंट्रोल नहीं करा जिसे धरती मां पर और बाहर पड़ गया और महिला और जानवरों पर भी अत्याचार किया आज कोरोना वायर से धरती माता को सुकून मिल रहा है वह भी खुश हैं आज।
दिल्ली में जहां इतना प्रदूषण था कि अस्थमा वाले पेशेंट के लिए वहां सांस लेना मुश्किल हो जाता आज वहां के लोगों को सुबह सूरज का एकदम साफ दिखता है।
रेप के मामले 70 परसेंट तक की कमी आई है।
Road सुनसान होने के कारण एक्सीडेंट भी नहीं हो रही हैं। इससे पहले भारत में 1 साल के अंदर 500000 लोग हर साल एक्सीडेंट में अपनी जान गंवा बैठते हैं।
दिल्ली जैसे महानगरों में चिड़ियों की चहचहाना आने की आवाज सुनाई दे रही है आजकल। और और पृथ्वी अपने आप को रिकवर कर रही हैं। प्रकृति ने मानव जाति को उसकी औकात दिखा दी है। कोरोना वायरस से पहले मनुष्य अपने आप को भगवान समझ बैठ गए थे।
कुछ लोग चांद पर घर बसाने और
https://youtu.be/HSWCPq2o7F4कुछ लोग देश पर कब्जा करने की सोच रहे थे।
कुछ लोग चांद पर घर बसाने और
https://youtu.be/HSWCPq2o7F4कुछ लोग देश पर कब्जा करने की सोच रहे थे।
लास्ट में यही कहना चाहूंगा यार कि घर पर रहिए बाहर मत निकली है जब तक स्थिति ठीक नहीं हो जाती।
आर्टिकल कैसा लगा मुझे कमेंट करके बताइए मेरे एंटरटेनमेंट ब्लॉग को सब्सक्राइब करें शेयर करें और ब्लॉक पर नए आए हो तो सब्सक्राइब जरूर करें दे।
धन्यवाद मुझे सुनने के लिए
जय हिंद जय भारत।























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